पवन यादव, नई दिल्ली आप कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में मायापुरी में सीलिंग के दौरान हुई झड्प के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए दिल्ली के उप मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया ने इस घटना की तुलना जलियांवाला बाग की घटना से की है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार जानबूझ कर दिल्ली के व्यापारियों को परेशान कर रही है। उन्होंने कहा, सीलिंग के दौरान हुई हिंसक झड़प का वीडियो वायरल हुआ तो भारतीय जनता पार्टी ने इसके लिए दिल्ली सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने केन्द्रीय आवास एवं शहरी विकास राज्यमंत्री हरदीप सिंह पुरी के बयान को आधार बनाते हुए कहा कि उन्होंने खुद यह स्वीकार किया कि इन फैक्ट्रियों को स्थानांतरित करना था। उप मुख्यमंत्री सिसोदिया ने कहा कि जब दिल्ली के व्यापारियों के खिलाफ राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने ऑर्डर पास किया तब भाजपा ने आपत्ति नहीं जताई। कबाड़ मार्केट स्थानांतरित करने लिए केंद्र सरकार को जमीन देनी है, मगर वह ऐसा नहीं कर रहीमनीष सिसोदिया ने कहा कि एनजीटी ने भी कबाड़ मार्केट को मायापुरी से स्थानांतरित करने करने के लिए कहीं और जमीन देने के निर्देश दिए थे। जमीन देने की जिम्मेदारी दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की है। डीडीने ने साफ कहा है कि दिल्ली के मास्टर प्लान में कबाड़ मार्केट के लिए कोई प्रावधान नहीं हैइसके उलट भाजपा केजरीवाल सरकार को ही जिम्मेदार ठहरा रही है। दिल्ली भाजपा सिसोदिया ने इस पूरे मामले की न्यायिक जांच की मांग की है। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन ने आरोप लगाया है कि अधिकारी बिना उन्हें बताए सीलिंग करने पहुंच गए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों के इस रवैये की शिकायत उप राज्यपाल से की गई है। उन्होंने कहा कि वह दिल्ली के पर्यावरण मंत्री हैंबिना उनकी अनुमति के अधि कारी यह कार्रवाई कैसे कर सकते हैं। इमरान हुसैन ने कहा कि इन अधिकारियों को धूमधाम सस्पेंड किया जाएउल्लेखनीय है कि मायापुरी की कबाड़ मार्केट में शनिवार को सीलिंग करने पहुंची टीम को स्थानीय लोगों का विरोध झेलना पड़ा। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा था।
केंद्र सरकार जानबूझ कर दिल्ली के व्यापारियों को कर रही है परेशान : सिसोदिया